संवाददाता: अजय मिस्त्री,अहमदाबाद

अहमदाबाद शहर में मालधारी समाज की दूध हड़ताल के चलते मंगलवार की देर शाम से ही दूध की किल्लत शुरू हो गई है। पूरे राज्य में 'नो मिल्क' बोर्ड लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, राजकोट, सूरत सहित कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा दूध आपूर्ति करने वाले वाहनों को रोककर सार्वजनिक सड़कों पर हजारों लीटर दूध गिराने की घटनाएं भी हुई हैं।

वहीं पितृपक्ष में, लोगों को अपने पूर्वजों के सम्मान में दुधपक के लिए दूध प्राप्त करने के लिए विभिन्न तरीकों को अपनाना पड़ रहा है। लेकिन यह तय है कि दूध की आपूर्ति खोखली साबित होने की अफवाहों के बीच दिन भर दूध की किल्लत रहेगी। मालधारी समाज के मुखिया धनश्यामपुरी बापू ने गुजरात सरकार से अपील की है कि वह कहीं भी दूध न गिराएं। वहीं राजकोट एयरपोर्ट रोड और सूरत के कुछ इलाकों में दूध सप्लाई करने वालों के बीच दूध छलकने की घटना सामने आई है। दूध की आपूर्ति को रोकने के लिए राजकोट और सूरत में भीड़ कल रात से ही जमीन पर उतर गई है। इसमें आज सुबह से दूध ले जा रहे वाहनों ने डिब्बे में भरा हजारों लीटर दूध सड़क पर गिरा दिया।

हालांकि घनश्यामपुरी बापू ने दूध न गिराने की अपील की है और कहा है कि इसके बजाय दूध गरीबों को दिया जाना चाहिए या मंदिरों में दिया जाना चाहिए या द्वारिकाधीश भगवान के प्रसाद के रूप में खीर बनाकर बांटी जानी चाहिए। अहमदाबाद शहर में बीती रात से ही दूध का स्टॉक खत्म हो गया था। लोगों ने कल शाम से थोक में दूध खरीदना शुरू कर दिया। जिन लोगों को सामान्य दिनों में चार बैग की जरूरत होती है, वे 12-15 बैग लेकर चलते थे। सुपरमार्केट में कल दोपहर में ही दूध का स्टॉक खाली था। ऐसे में अहमदाबाद में आज दिन भर दूध की किल्लत रहेगी।

अहमदाबाद में कुछ दूध विक्रेता भी स्वेच्छा से दूध नहीं बेचने की बात कह रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि दूध अमूल पार्लर में मिला था। अमूल डेयरी के अधिकारियों द्वारा दूध की आपूर्ति जारी रखने की बात भी खोखली साबित हुई। सभी आपूर्तिकर्ताओं से हजारों लीटर दूध एक स्थान पर एकत्र किया जा रहा है। हजारों लीटर दूध को कुचलने के लिए मालधारी ने मशीनों की व्यवस्था की है। दूध मंथन के दौरान मलाई से घी बनाया जाएगा और इस घी को कलछी बनाकर गाय-कुत्तों को सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन के लिए खिलाया जाएगा।

सूरत मालधारी महापंचायत के सह-संयोजक अश्विन रबारी ने कहा कि सरकार ने केवल एक मुद्दे को लेकर मालधारी से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। लेकिन मालधारी अन्य 9 बिंदुओं की मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना जारी रखेंगे। भविष्य में गुजरात मालधारी महापंचायत द्वारा तय कार्यक्रमों के अनुसार सूरत के मालधारी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, हमारा इरादा कभी भी लोगों को परेशानी में डालने का नहीं है। हम लोगों के पक्ष में हैं और लोगों को नुकसान नहीं चाहते हैं लेकिन हमारी मांगों के लिए और कोई रास्ता नहीं है। दूध हड़ताल के बाद मंगलवार शाम से लोग सामान्य से अधिक दूध ले जाते देखे गए। अमूल पार्लर में भी भीड़ थी। पार्लर पर नियमित से ज्यादा दूध मंगवाने के बावजूद मंगलवार रात से ही दूध खत्म हो गया है। अहमदाबाद के पूर्व के कुछ इलाकों में दूध की भारी किल्लत हो गई है।

शाहीबाग में भवानी डेयरी के मालिक अरुण माली ने कहा कि मैंने अभी-अभी नियमित दूध खरीदा है। मेरा दूध रात 11 बजे तक बिकता है, लेकिन आज रात 8 बजे के करीब दूध खत्म हो गया है। लोग रोजाना जितना दूध लेते हैं उससे 2 से 3 गुना ज्यादा दूध ले रहे हैं। गिरधर डेयरी के मलिक धर्मेशभाई ने कहा कि दूध की कोई कमी नहीं है। बुधवार को डेयरी से खुदरा दूध नहीं आएगा, अमूल से दूध कब आएगा यह तय नहीं है।

मंगलवार शाम को बड़ौदा डेयरी के उपाध्यक्ष गणपत सिंह ने कहा कि बुधवार सुबह के लिए दूध पैक कर दिया गया है और इसे नियमित रूप से सुबह वितरित किया जाएगा। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बुधवार सुबह दूध बड़ौदा डेयरी के पार्लरों तक नहीं पहुंचा। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न चरवाहों से आने वाले दूध को भी रोक दिया गया, जिससे दूध की किल्लत हो गई।

वड़ोदरा के खोदियारनगर इलाके में बड़ौदा डेयरी का दूध बेचने वाले एक वितरक ने नाम न छापने और वीडियो की शर्त पर कहा कि हमें स्टॉकिस्टों द्वारा कहा गया है कि हम आपको खुदरा या पैकिंग में भी दूध नहीं बेचने देंगे, और जो लोग भी दूध बेचते हैं। क्षेत्र में चाय की केतली भी बता दी गई है।या कल अपनी चाय की लॉरी खुली रखो, लेकिन दूधिया चाय या कॉफी मत बनाओ।