राणा सांगा का अपमान, औरंगज़ेब का गुणगान– यही है सपा की राजनीति... सपा सांसद के घर पर करणी सेना का बवाल
आगरा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर करणी सेना के हंगामे से सियासत गरमा गई है. अखिलेश यादव ने इस घटना पर योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तंज कसा और तुरंत कार्रवाई की मांग की. वहीं BJP ने पलटवार करते हुए अखिलेश पर तुष्टिकरण और समाज में तनाव फैलाने का आरोप लगाया.आखिर किस बयान ने इस हंगामे को जन्म दिया? क्या इस मुद्दे से यूपी की राजनीति में नया मोड़ आएगा? पढ़ें पूरी खबर!

Political Storm In UP: आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. करणी सेना का आरोप है कि सांसद ने महान वीर राणा सांगा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके विरोध में उन्होंने यह प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और करणी सेना के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
अखिलेश यादव का तीखा हमला
इस घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद आगरा में मौजूद थे तब भी इस तरह की हिंसा हुई तो इसका मतलब है कि सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है. उन्होंने कहा, 'क्या मुख्यमंत्री जी का प्रभाव क्षेत्र दिन-ब-दिन घट रहा है या फिर ‘आउटगोइंग सीएम’ की अब कोई सुन नहीं रहा? अगर वो अभी भी मुख्यमंत्री हैं तो तुरंत कार्रवाई करें और दोषियों को AI की मदद से पहचान कर दंडित करें.'
BJP ने किया पलटवार
अखिलेश यादव के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को गद्दार कहकर अपमान किया था, जिसका परिणाम यह हुआ कि करणी सेना ने गुस्से में आकर प्रदर्शन किया. बीजेपी ने आरोप लगाया कि सपा सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और समाज में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश कर रही है.
केशव मौर्य का बयान
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, 'सपा की राजनीति का आधार महान योद्धाओं का अपमान और आक्रमणकारियों का महिमामंडन करना है.' सपा ने हमेशा देश के महापुरुषों का अपमान किया है और अब जनता इसका हिसाब ब्याज समेत चुकता करेगी.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
बवाल बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और करणी सेना के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इस झड़प में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं. फिलहाल सांसद रामजीलाल सुमन के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.
सियासी घमासान जारी
इस पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. अब देखने वाली बात यह होगी कि योगी सरकार इस घटना पर क्या कदम उठाती है और अखिलेश यादव के आरोपों का क्या जवाब देती है.