फरीदाबाद में जमकर चला बुल्डोजर, 150 से अधिक अवैध कब्जों को किया ध्वस्त
नगर निगम का तोड़फोड़ दस्ता मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सैनिक कॉलोनी चौक पहुंचा और बड़खल गांव के साथ-साथ अनखीर गांव की ओर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इस दौरान नगर निगम ने अर्थमूवर मशीनों की मदद से दुकानों के सामने से सामान और टीन शेड हटा दिए.

Faridabad Bulldozers action: फरीदाबाद के बड़खल गांव में मंगलवार को नगर निगम के तोड़फोड़ दस्ते ने गुरुग्राम रोड पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. इस दौरान करीब 150 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटा दिया गया. करीब पौने चार घंटे तक चले इस अभियान में नगर निगम ने दुकानदारों द्वारा सड़क पर किए गए कब्जे को हटा दिया. लेकिन बिना नोटिस दिए तोड़फोड़ करने पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया.
बड़खल गांव में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे अवैध रूप से सामान रखा था और कई दुकानों के बाहर 20 फीट तक टीन शेड भी डाल दिए थे. इससे वाहन चालकों को खासी परेशानी हो रही थी, और ट्रैफिक भी अक्सर रेंगता था. इसके अलावा, सैनिक कॉलोनी की ओर से बड़खल की तरफ जाने वाली सड़क पर भी नाले पर कब्जा किया गया था, जिससे नगर निगम को इस कार्रवाई की आवश्यकता महसूस हुई.
11 बजे पहुंचा तोड़फोड़ दस्ता
नगर निगम का तोड़फोड़ दस्ता मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सैनिक कॉलोनी चौक पहुंचा और बड़खल गांव के साथ-साथ अनखीर गांव की ओर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इस दौरान नगर निगम ने अर्थमूवर मशीनों की मदद से दुकानों के सामने से सामान और टीन शेड हटा दिए. जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय दुकानदार विरोध करने के लिए इकट्ठा हो गए. उनका कहना था कि नगर निगम ने बिना नोटिस दिए अतिक्रमण हटाया है, जो कि गलत है.
हालांकि, भारी पुलिस बल के कारण विरोध करने वाले दुकानदारों को कार्रवाई में बाधा डालने की अनुमति नहीं मिली. नगर निगम ने इस दौरान पुलिस बल के साथ मिलकर दुकानों के सामने रखे गए सामान को भी हटा दिया. कार्रवाई के समय एसीपी अशोक कुमार और नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान मौजूद थे.
दुकानदारों ने नोटिस का हवाला देकर किया विरोध
इसके अलावा, एक महिला दुकानदार ने अपने अतिक्रमण को हटाने के खिलाफ विरोध किया. वह मिट्टी के बर्तन बेचती थी और उसने स्थाई कब्जा किया हुआ था. महिला ने अपनी चारपाई पर लेटकर कार्रवाई में रुकावट डालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे और उसकी चारपाई को बाहर निकाल दिया. नगर निगम ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस देना आवश्यक नहीं होता, बल्कि मुनादी करवा कर भी कब्जे हटाए जा सकते हैं, और इस मामले में भी कई दिन पहले मुनादी करवाई गई थी.