रिपोर्ट। मुस्कान

नई दिल्ली। दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय टेक फर्मों में बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से भारत में स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यक उपाय करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर कहा कि आईटी क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवाओं की छंटनी की जा रही है। केंद्र सरकार को भारतीय स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और सही कदम उठाने चाहिए।

वहीं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि एक तरफ बेरोज़गारी की दर 7.1 प्रतिशत है। नौकरियों की कमी से युवा आत्महत्याएं कर रहे है और हमारे शिक्षित स्किल्ड युवा भी अपनी नौकरियां खो रहे है। आईटी कंपनियों से लगातार लोगों को निकाला जाना हमारे आईटी हब के अस्तित्व और अर्थव्यवस्था के भविष्य पर सवालिया निशान है।

बता दें कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने हाल के सप्ताहों में छंटनी की है। जिससे अमेरिका और अन्य देशों में बड़े पैमाने पर नौकरी में कटौती हुई है। तीन दिन पहले, गूगल ने घोषणा की थी कि वैश्विक स्तर पर 12,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। अमेरिका में गूगल कर्मचारियों को एक ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया।

कर्मचारियों को लिखे पत्र में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि कंपनी ने यह सुनिश्चित करने के लिए उत्पाद क्षेत्रों में कठोर समीक्षा की है कि वर्तमान भूमिकाएँ कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि सामूहिक छंटनी के नवीनतम दौर से कौन सा विभाग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

वहीं इस महीने की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा कि कंपनी 10,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। जो उसके कुल कर्मचारियों का लगभग पांच प्रतिशत है। इसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच तकनीकी दिग्गज को परिणामी कंपनी बने रहने के लिए एक कठिन विकल्प करार दिया।