दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार के रास्ते में तरह-तरह की बाधाएं पैदा की जा रही है, लेकिन वह लोगों के लिए काम करने के लिए उन पर काबू पा रही है। दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन की समाप्ति के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा कि एलजी वीके सक्सेना ने भी कहा था कि सरकार विभिन्न बाधाओं के बावजूद काम कर रही है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप हो रहा है। तरह-तरह की बाधाएं डाली जा रही हैं, लेकिन हम उन्हें पार कर रहे हैं और दिल्ली की जनता के समर्थन से काम कर रहे हैं। दिल्ली की जनता ही नहीं बल्कि पूरा देश इस बात को स्वीकार करता है।"

सदन से बाहर निकलते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि "उनके कार्यालय और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के बीच चल रही खींचतान के बीच की गई टिप्पणियों में हद पार कर दी गई है, लेकिन दोनों के बीच संबंध नहीं टूट सकते क्योंकि यह उनकी अपनी सरकार है। मैं कुछ कहना चाहूंगा जो एक पेड़ ने हवा के लिए कहा है यह मेरे पत्ते हर दिन गिराता है लेकिन इसके साथ मेरा रिश्ता कभी खत्म नहीं होता है।"

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सक्सेना की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि "वह समझते हैं कि ये मामूली मुद्दे हैं, लेकिन लोकतंत्र का सम्मान किया जाना चाहिए। अगर दो करोड़ लोगों ने सरकार चुनी है, तो उसे काम करने देना चाहिए। इसके कामकाज में हस्तक्षेप करना अच्छा नहीं है।" केजरीवाल ने उपराज्यपाल के भाषण के दौरान भाजपा के हस्तक्षेप को सदन की मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह एक तरह से सदन की अवमानना ​​है। पूरे सदन द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया है कि इस मामले को उचित समिति के पास भेजा जाए कि एलजी के भाषण के दौरान इस तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए थी।

वहीं दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सक्सेना के भाषण में बाधा डालने के लिए भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले को विधानसभा की आचार समिति को भेजा जाना चाहिए। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को हंगामे के बीच शुरू हुआ क्योंकि सदन में वीके सक्सेना के अभिभाषण के दौरान भाजपा और आप विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि "विपक्ष के विधायकों ने अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल को सदन में व्यवस्था लाने के लिए भाजपा के तीन विधायकों को बाहर निकालने का आदेश देना पड़ा।"

गौरतलब हो कि दिल्ली विधानसभा से निकलते समय उपराज्यपाल के काफिले को बीजेपी विधायकों ने घेर लिया था। केंद्र द्वारा नियुक्त एलजी, शक्तियों के वितरण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार के साथ लंबे समय से रस्साकशी में है। आप ने एलजी पर भाजपा के इशारे पर उनके काम में बाधा डालने का आरोप लगाया है।