दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए बीते छह जनवरी को मेयर चुनाव के दौरान सदन में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। जिसमें एमसीडी को करीब 22 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के मुताबिक, इस संबंध में एमसीडी ने एक ड्राफ्ट बनाकर राज्यपाल (एलजी) कार्यालय को भेजा है। वहीं इस संबंध में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मेयर चुनाव की बैठक में हुए हंगामे के वीडियों के आधार पर सदन पार्षदों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद उन पार्षदों से नुकसान की भरपाई की जाएगी।

एमसीडी सचिव भगवान सिंह ने बताया कि सिविक सेंटर ए ब्लॉक की चौथी मंजिल पर स्थित अरुणा आसफ अली सभागार में माइक, कुर्सियां, फर्नीचर आदि समान काफी महंगे है। बता दें कि सदन में हंगामे के दौरान हुई तोड़फोड़ से काफी समानों क्षति है। जिससे करीब 22 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

एमसीडी चुनाव के नतीजे आने के बाद छह जनवरी 2023 को मेयर चुनाव के लिए सदन की पहली बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान एमसीडी चुनाव में जीत दर्ज कर आए आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ और सदन में तोड़फोड़ की गई। फिलहाल अभी तक किसी पार्षद ने शपथ ग्रहण नहीं की है तो आधिकारिक तौर पर अभी कोई पार्षद नहीं है।

डीएमसी एक्ट के अनुसार, सदन में पार्षदों पर कार्रवाई करने का अधिकार मेयर के पास होता है। मेयर अगर चाहे तो पार्षदों को कुछ समय के लिए निलंबित कर सकते है। लेकिन अभी तक न तो मेयर का चुनाव हुआ है और न ही सदस्यों ने शपथ ग्रहण की है। इसलिए एमसीडी ने इसका फैसला एलजी को सौंप दिया है।

बता दें कि एमसीडी मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण के लिए 24 जनवरी को सदन की अगली बैठक होगी। इस बैठक में भी हंगामा होने की संभावना है।