उत्तराखंड के जोशीमठ में भु-धंसाव के बाद अब कोहराम मच रहा है। इस दौरान लोगों के पल- पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जोशीमठ पर मौसम की मार पड़ी है। बारिश और बर्फबारी के बाद पहले से परेसानियों का सामना कर रहे है। आपदा प्रभावितों की दुश्र्वारियां बढ़ गई है। लोग दरक रहे घरों का सामाम सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट नहीं कर पा रहे है। आपको बता दें कि कई परिवारों का सामान घर के बाहर ही पड़ा है। जिस पर बर्फ जम गई है। वही सरकारी स्तर पर किए जा रहे। आपदा प्रबंधन व उनके व्यवस्था के लिए प्रावधान बढ़ा रहे है।

गुरुवार की देर में उत्तराखंड के जोशीमठ का मौसम का अचानक रुख बदला है और बर्फबारी शुरु हो गई है। वहां के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी अपना सामान शिफ्ट करने में दिक्कत हो रही है। कई लोगों का सामान घर के बाहर ही पड़ा है। उसके सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए कोई मजदूर नहीं मिल पा रहे है।

आधिकारियों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि रात भर बारिश हुआ और इसके बाद शुक्रवार सुबह बर्फबारी हुई। अधिकारियों ने कहा कि लगभग 6000 फीट पर स्थित जोशीमठ के अलावा बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, नंदा देवी राष्ट्रीय उघान और फूलों की घाटी सहित चमोली जिले के ऊंचाई वाले कई प्रसिध्द स्थानों में भी हिमपात हुआ है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जोशीमठ में 270 परिवारों को अपने घरों से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा चुका है। अन्य इलाकों में सामान्य स्थिति है। भारत सरकार और अन्य संस्थान वहां आपदा के कारणों की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। उन सभी परिवारों के लिए शीतलहर के मद्देनजर हीटर एंव अलाव की पूरी व्यवस्था की जाए।

 

जोशीमठ के DM हिमांशु खुराना ने बताया कि 2-3 जगहों पर दरारें बढ़ने की सूचना मिली है, अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर लेवल के अफसर यहां कैंप कर रहे हैं और अगर कोई भी बिजली से संबंधित समस्या संज्ञान में आ रही है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।