गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में लगी आग, 18 लोगों की मौत, कई झुलसे
गुजरात के बनासकांठा में एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने से कई धमाके हुए. इस घटना के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. डीसा नगरपालिका के फायर कर्मी मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान चला रहे हैं. अधिकारी घटना की जांच में जुट गए हैं.

गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा कस्बे के पास एक पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को भीषण आग लग गई. इस घटना में 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए. पुलिस ने बताया कि आग लगने के बाद कई धमाके हुए, जिससे फैक्ट्री के कई हिस्से ढह गए. पुलिस के अनुसार,कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका है.
डीसा ग्रामीण पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर विजय चौधरी ने कहा, "डीसा नगरपालिका के फायर कर्मी मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान चला रहे हैं." उन्होंने बताया कि मलबे में फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए डीसा नगरपालिका के फायरकर्मी घटनास्थल पर हैं.
5 मजदूरों की मौके पर ही मौत
बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने कहा कि आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली. फायर डिपार्टमेंट ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाया. घटना स्थल पर ही पांच श्रमिकों की मौत हो गई. चार घायल श्रमिकों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया. विस्फोट इतना बड़ा था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया. हम मलबे में दबे किसी भी व्यक्ति को बचाने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं."
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारी पता लगा रहे हैं कि आग कैसे लगी?
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. सीएम भूपेंद्र पटेल ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की. उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया. वहीं, इस घटना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने सरकार पर लगाते हुए कहा, 'सरकार फायर सेफ्टी के नाम पर भ्रष्टाचार करने में लगी है. उन्होंने कहा कि पैसे को लेकर फायर सेफ्टी का सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं.