मध्य प्रदेश, खंडवा। मध्य प्रदेश के पूर्व राजस्व मंत्री सखाराम देवकरण पटेल का बुधवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। वे काफी लंबे समय से बीमार थे। एलआईजी कालोनी निवासी पूर्व राजस्व मंत्री का अंतिम संस्कार गुरुवार को राजा हरिशचंद्र मुक्तिधाम पर किया गया।

बता दें कि पूर्व मंत्री पटेल ने अपना पहला विधान सभा चुनाव 850 रुपए खर्च कर जीता था। उनकी छवि एक ईमानदार मंत्रियों की रही है। वे 1977 से 1980 तक राजस्व, भू-अभिलेख, नापतौल, प्रिटिंग प्रेस एवं राहत, बंदोबस्त, महाविद्यालय एवं स्कूल शिक्षा, अनुसूचित कल्याण मंत्री रहे।

बता दें कि राजनीति के साथ ही साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी रुचि रही। पूर्व मंत्री पटेल ने कई धार्मिक पुस्तकें लिखी हैं जिनमें सिंगाजी दर्शन और दादा धूनी वाले प्रमुख पुस्तक रही हैं। उन्होंने ऑल इंडिया ब्यूरो ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज ग्रुप में वर्ष 1982 में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया।

मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति के लिए पृथक संचालनालय तथा चलित विशेष न्यायालयों की स्थापना, मध्य प्रदेश में प्रत्येक जिले में पुलिस प्रकोष्ठों की स्थापना, अंतर जातीय विवाह और राहत योजना, कोटवारों को किसानों से अदाव प्रथा समाप्त कर प्रतिमाह वेतन निर्धारित करने में उनका योगदान रहा है।

गरीबों और दलितों के उत्थान के लिए उन्होंने कई कार्य किए। सखाराम पटेल पंधाना की अजा विधानसभा सीट से 1972 से 1977 भारतीय जनसंघ, 1977 से 1980 तक भारतीय जनता पार्टी और 1980 से 1985 तक भारतीय जनता पार्टी से विधायक चुने गए थे।