गुजरात विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुधवार से शुरू होगा। यह राज्य में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस सदन का आखिरी सत्र होगा। छह महीने में कम से कम एक बार विधानसभा का सत्र आयोजित करना अनिवार्य है। राज्य का बजट पारित करने के लिए अंतिम विधानसभा सत्र अप्रैल में हुआ था।

एक अधिकारी ने कहा कि बुधवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में अप्रैल में पारित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के शहरों में आवारा पशुओं की समस्या से निपटने से संबंधित एक विधेयक को वापस लेने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

इससे पहले, विधेयक को लेकर मालधारी समुदाय (पशुपालक) के विरोध के बाद भाजपा की गुजरात इकाई के प्रमुख सीआर पाटिल ने अप्रैल में कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है, क्योंकि नगर निगम क्षेत्रों में मवेशियों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए मौजूदा नियम पर्याप्त हैं और नए कानून की कोई आवश्यकता नहीं है।

गुजरात सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघानी ने भी बाद में घोषणा की थी कि मुख्यमंत्री पटेल ने इस विधेयक को लागू नहीं करने का फैसला किया है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में रविवार को सैकड़ों पशुपालकों ने विधेयक को वापस लेने की मांग को लेकर ‘महापंचायत’ की थी।