हरियाणा में 'गन कल्चर' वाला बजा गाना तो उठा सकती है पुलिस
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार इन गानों से नफरत फैलाने और समाज में नकारात्मक प्रभाव डालने वाले गायकों, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और अन्य स्रोतों के खिलाफ विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गाने युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, जिससे हिंसा और गलत धारणाओं का प्रचार होता है.

Gun culture song: हरियाणा में गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है. राज्य पुलिस ने ऐसे गानों पर नियंत्रण लगाने के लिए अपनी कार्रवाइयों को तेज कर दिया है. पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखे हुए है और यदि जरूरी हो तो उचित कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. पिछले महीने दस से ज्यादा गाने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटा दिए गए थे, जिनमें से सात गाने हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के थे.
मासूम शर्मा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह सरकार के निर्णय के पक्ष में हैं, लेकिन उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है. उनका कहना था कि अगर कुछ गाने प्रतिबंधित किए गए हैं, तो उन्हें निष्पक्ष तरीके से लागू किया जाना चाहिए, न कि सिर्फ एक या दो गायकों तक सीमित किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि उनके कई गाने हटाए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है.
पुलिस ने कहा शब्दों को ध्यान में रखकर की जा रही कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और हर गाने का शब्द दर शब्द विश्लेषण किया जाता है. उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए, लेकिन यदि कोई गाना या वीडियो हिंसा को बढ़ावा देता है, तो उसे हटाना जरूरी है. यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के आदेश के तहत की जा रही है, जिसमें ऐसे गानों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया था.
खाप पंचायतों ने किया समर्थन
इस बीच, कई खाप पंचायतों ने भी ऐसे गानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया है. कंडेला, पुनिया, माजरा और अन्य खाप पंचायतों के नेताओं ने हिंसा और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले गानों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की थी. हाल ही में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गानों की आलोचना की और समाज को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन देने की आवश्यकता की बात की.