धर्मशाला: देश के हर पर्यटन स्थल पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज होना बेहद जरूरी है। इससे विदेशी पर्यटकों की नजर में भारत देश की अच्छी छवी बनेगी। साथ ही सभी पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त करना होगा, ताकि विदेशी पर्यटकों में वहां का गलत इफेक्ट न पड़ सके। यह निर्देश केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने धर्मशाला में आयोजित 3 दिवसीय राज्य पर्यटन मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन में मंत्रियों व अधिकारियों को दिए। वहीं मंगलवार को यानि आज राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया।

इसमें महाराष्ट्र ने मैडीकल टूरिज्म, मध्य प्रदेश ने फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ, छत्तीसगढ़ ने अपने आदिवासी कल्चर और फॉरेस्ट, गोवा ने अपने समुद्री बीच और होम स्टे के अनुभव को शेयर किया। सभी राज्यों के प्रतिनिधिमंडल ने एक-दूसरे राज्यों को अपनी योजनाओं से अवगत कराया। 

इससे पहले केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी. कृष्णा रेड्डी ने सभी राज्यों से कहा कि वह अपने यहां पर्यटन के क्षेत्र का बजट बढ़ाएं, इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री व अधिकारी अपने संबंधित क्षेत्र में होटलियर्स, गाइड्स, मीडिय़ा व अन्य कारोबारियों के साथ बैठकें करें और एक प्लैन तैयार करें, जिससे पर्यटन व्यव्साय को और बेहरतर किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत की वेबसाइट सबसे अच्छी होनी चाहिए, इसके लिए सभी राज्य अपने पर्यटन स्थलों व अपने त्यौहारों की छोटी व सुंदर वीडियों बनाकर भेंजे। इसके लिए स्पैशल सोशल मीडिय़ा टीमों का गठन करें और अपने बजट का 5 प्रतिशत सोशल मीडिय़ा के लिए खर्च करें। उन्होंने सभी को निर्देश दिए कि अगली बार इस तरह का सम्मेलन करेंगे तो सभी राज्यों का प्लान तैयार हो।

बता दे की राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया। उन्‍होंने अपने संबोधन में कहा कि सभी राज्‍यों को आपस एक दूसरे से सीखना चाहिए. मसलन किस राज्‍य में पर्यटन को बढ़ाने के लिए क्‍या-क्‍या प्रयास किए गए हैं, उसे अपने राज्‍य में अमल करना चाहिए। इस तरह सामूहिक प्रयास से सभी राज्‍यों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके अलावा सम्‍मेलन को केन्‍द्रीय राज्‍य मंत्री श्रीपद नाइक, अजय भट्ट और आईटीडीसी के चेयरमैन संबित पात्रा ने भी संबोधित किया।