'सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा।' ये महज कहने भर की पंक्ति नहीं, भारत विश्व के तमाम देशों में अपनी संस्कृति, सभ्यता, विरासत, संस्कारों के कारण प्रथम पायदान पर है। गणतंत्र दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी की सदस्य केज़िया खान ने दिल्ली के कई लोगों से बातचीत की और उनके विचारों को जाना कि भारत देश के तिरंगे के प्रति उनकी राय और दिल्ली सरकार ने क्या क्या बड़े बदलाव किए।

आम आदमी प्रार्टी की सद्स्य केज़िया खान ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि 'सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा। ये लाइन हम आप सभी स्कूलों में प्रार्थना करते थे और 15 अगस्त 26 जनवरी को गीत गाते थे साथ ही स्कूलों के कई कार्यक्रमों में भाग लिया करते थे। जिससे हमारे अंदर देश के प्रति मर मिटने की भावना जाग्रत होती है। 

उन्होंने कहा कि जब मैं बड़ी हो गई है और इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में वक्त ही नहीं है तो मुझे सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी को ही समय मिलता है कि प्रोग्राम में जाकर मैं देशभक्ति का भाव तो महसूस कर लेती हूं। पर पिछले एक साल से दिल्ली सरकार ने कई जगहो पर बड़े- बड़े तिरंगे लगाएं है। जिससे की जब मैं घर से ऑफिस जाती हूं तो मुझे तीन तिंरगे देखने को मिल जाती है। जिससे मुझे हर रोज 15 अगस्त, 26 जनवरी और देशभक्ति की भावना महसूस होती है तो आइए जानते है दिल्ली सरकार के इस बदलाव में दिल्लीवासियों के मन में तिरंगे को देखकर कैसी भावना और देश प्रेम है।

 

वहीं ऑटो में बैठे एक व्यक्ति ने बताया कि तिरंगे को देखकर बहुत अच्छा लगता है हमारे मन को शांति मिलती है और तिरंगा देखकर देशभक्ति का रंग चढ़ जाता है। तो वहीं एक महिला ने बताया कि अपने देश के एक नागरिक होने के नाते तिरंगे को देखकर हमें बहुत अच्छा लगता है और दिल को सुकून मिलता है।