यूपी में हिंदू सुरक्षित, तो मुसलमान भी सुरक्षित...' रामनवमी और ईद को लेकर बोले CM योगी
एएनआई पॉडकास्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुसलमान उत्तर प्रदेश में सबसे सुरक्षित महसूस करते हैं. उनका कहना है कि जब तक हिंदू सुरक्षित रहेंगे, तब तक मुसलमान भी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से सांप्रदायिक दंगे बंद हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर अहम बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो राज्य में मुसलमान भी सुरक्षित रहेंगे. सीएम योगी का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द के संदर्भ में उनकी सरकार की नीति को दर्शाता है.
सीएम योगी ने एएनआई से बातचीत में 2017 के बाद से प्रदेश में हुई शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से सांप्रदायिक दंगे पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं. उनके अनुसार, अगर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, तो मुसलमान भी निश्चिंत होकर रह सकते हैं.
हिंदू-मुस्लिम सुरक्षा पर योगी का बड़ा बयान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "सौ हिंदू परिवारों के बीच एक मुस्लिम परिवार पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और अपने धार्मिक कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेगा. लेकिन क्या 100 मुस्लिम परिवारों के बीच 50 हिंदू सुरक्षित महसूस करेंगे? नहीं. बांग्लादेश इसका उदाहरण है, इससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान भी इसका उदाहरण रहे हैं. अगर कहीं धुआं उठता है या कोई खतरा महसूस होता है, तो हमें पहले ही सतर्क हो जाना चाहिए."
उत्तर प्रदेश में सबसे सुरक्षित हैं मुसलमान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे होते थे, जिनमें हिंदुओं और मुसलमानों दोनों को नुकसान झेलना पड़ता था. उन्होंने कहा, "अगर 2017 से पहले हिंदुओं की दुकानें और घर जलते थे, तो मुसलमानों के घर भी जलते थे. लेकिन 2017 के बाद से हमने इस पर पूरी तरह रोक लगा दी है."
सनातन धर्म सबसे प्राचीन धर्म
योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म को दुनिया की सबसे पुरानी संस्कृति बताते हुए कहा, "सनातन धर्म के अनुयायियों ने कभी किसी को अपने धर्म में परिवर्तित करने का प्रयास नहीं किया. लेकिन बदले में उन्हें क्या मिला? क्या दुनिया में कहीं कोई ऐसा उदाहरण है, जहां हिंदू शासकों ने अपनी शक्ति का उपयोग दूसरों पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए किया हो? ऐसे उदाहरण नहीं हैं. सनातन धर्म की सोच हमेशा वसुधैव कुटुंबकम की रही है."
रामनवमी और ईद पर कानून-व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने रामनवमी और ईद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की रणनीतियों पर भी बात की. उन्होंने बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक एसओपी (SOP) तैयार की गई है. यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं.
बंगाल की हिंसा पर भी उठाए सवाल
पिछले साल पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, "अगर उत्तर प्रदेश में हम शांति बनाए रख सकते हैं, तो बंगाल में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? यह प्रशासनिक इच्छाशक्ति की बात है."
होली और मुहर्रम पर सरकार का दृष्टिकोण
होली के दौरान मस्जिदों को ढकने के लिए तिरपाल लगाने के सवाल पर सीएम योगी ने कहा, "हमारे स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी धार्मिक स्थल पर रंग नहीं फेंका जाए, लेकिन अगर गलती से रंग गिर जाए, तो प्रशासन उसे साफ करने के लिए तत्पर रहता है. इसी तरह, मुहर्रम के जुलूसों के दौरान झंडों की छाया अगर किसी मंदिर या हिंदू घर पर पड़ती है, तो क्या उसे अपवित्र मान लिया जाना चाहिए? हमें धार्मिक सौहार्द बनाए रखना चाहिए."