रिपोर्ट-मुस्कान 

नई दिल्ली: दिल्ली के दो संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच सत्ता की लड़ाई शुक्रवार को भी जारी रही क्योंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के कटाक्ष भरे पत्र का जवाब पत्र लिख कर दिया, जिसमें सक्सेना ने आप नेता पर 'भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणी' करने और 'निम्न स्तर का व्यवहार' करने का आरोप लगाया था। LG ने मुख्यमंत्री पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप विधायकों के साथ 16 जनवरी को राज निवास तक मार्च के दौरान "राजनीतिक मुद्रा" अपनाने का भी आरोप लगाया। सक्सेना की आलोचना का जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा कि आप चाहते तो पांच मिनट के लिए भी बाहर आ सकते थे और हमसे मिल सकते थे। आप हमसे नहीं मिले, इससे पूरे राज्य में लोगों को बुरा लगा। दिल्ली के लोगों को अपमान महसूस हुआ कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने 2 करोड़ लोगों के प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार कर दिया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने शनिवार दोपहर एलजी के साथ अपने मंत्रियों और आप विधायक के साथ बैठक करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह समय आपके लिए सुविधाजनक नहीं है, तो हमें अपनी सुविधा के अनुसार समय बताएं, हम उसी समय आ जाएंगे। सक्सेना द्वारा दिल्ली की शिक्षा प्रणाली की आलोचना पर केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि पहले की तुलना में शिक्षा प्रणाली में जबरदस्त सुधार हुआ है। लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है। केंद्र सरकार और सभी एलजी साहब ने बीते वर्षों में दिल्ली की जनता के काम में बाधा नहीं डाली होती तो अब तक हम और भी बहुत कुछ हासिल कर चुके होते।केजरीवाल ने एलजी को कानून व्यवस्था, पुलिस और डीडीए सहित उनकी संवैधानिक जिम्मेदारियों की भी याद दिलाई।

उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की कानून व्यवस्था पूरे देश में सबसे खराब है। जब दुनिया दिल्ली को रेप कैपिटल कहती है तो हर दिल्लीवासी का सिर शर्म से झुक जाता है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अपराध लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली की जनता ने आज तक आपको दिल्ली की कानून व्यवस्था पर कोई काम करते हुए नहीं देखा। दिल्ली की जनता ने आपको केवल अपनी चुनी हुई सरकार के रोजमर्रा के मामलों में दखलअंदाजी करते देखा है। पत्र के अंत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसी दिन अगर सूरज को लगने लगे कि चांद ठीक से काम नहीं कर रहा है, आज मैं चांद का काम करूंगा तो सारी सृष्टि अस्त-व्यस्त हो जाएगी। सूर्य अपना काम करता है और चंद्रमा अपना काम करता है, तभी वह अच्छा दिखता है, तभी सारी व्यवस्था सुचारु रूप से चलती है। सीएम को अपना काम करने दीजिए, आप दिल्ली की कानून व्यवस्था दुरुस्त कीजिए ताकि कंझावला जैसे मामले दोबारा न हों, तभी दिल्ली की व्यवस्था ठीक होगी।