दिल्ली में बिजली कटौती पर सियासी घमासान, AAP ने उठाई विधानसभा में चर्चा की मांग

दिल्ली में लगातार हो रही बिजली कटौती से सियासत गर्मा गई हैं, जिससे AAP और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. AAP के विधायक संजीव झा और कुलदीप कुमार ने बिजली मंत्री से इस मुद्दे पर त्वरित समाधान की मांग की है. वहीं, बीजेपी ने दिल्ली में बिजली सप्लाई की स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

दिल्ली में लगातार हो रही बिजली कटौती से अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने दिल्ली विधानसभा सचिव को नोटिस सौंपकर शहर के कई इलाकों में हो रही बिजली कटौती पर चर्चा करने की मांग की. AAP के नेता संजीव झा और कुलदीप कुमार ने अलग-अलग पत्र लिखकर दिल्ली के बिजली मंत्री आशिष सूद से इस मुद्दे पर त्वरित समाधान की अपील की.

बिजली कटौती के मुद्दे पर दिल्ली सरकार और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. AAP नेताओं ने आरोप लगाया है कि फरवरी में सत्ता संभालने के बाद से बीजेपी ने बिजली वितरण के प्रबंधन में भारी लापरवाही की है, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए AAP पर बिजली क्षेत्र में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.

'जगतपुर में बिजली कटौती से लोग परेशान'

AAP विधायक संजीव झा ने दिल्ली विधानसभा में एक नोटिस दिया, जिसमें उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र बुराड़ी के जगतपुर गांव में 28 मार्च को हुई बिजली कटौती का मुद्दा उठाया. उन्होंने बताया कि इस कटौती के कारण ना केवल घरों और व्यापारों में परेशानी हुई, बल्कि आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुई. संजय झा ने लिखा- शिकायत करने के बावजूद कोई तत्काल समाधान नहीं दिया गया. मैं बिजली मंत्री से अपील करता हूं कि वे इस घटना पर विस्तृत जवाब दें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाएं.

कुलदीप कुमार ने विधानसभा में चर्चा की मांग की

वहीं, बुराड़ी के दूसरे विधायक कुलदीप कुमार ने विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नियम 59 के तहत स्थगन प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने कहा कि इन बिजली कटौतियों ने निवासियों को कठिनाई में डाल दिया है, व्यापारों को प्रभावित किया है और आवश्यक सेवाओं में रुकावट आई है. इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.

AAP और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप

बिजली कटौती के इस विवाद ने दिल्ली की सियासत को और गरमा दिया है. AAP नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अति‍शी ने बीजेपी-शासित सरकार पर बिजली कटौती का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कैसे ये हो सकता है कि पिछले 10 सालों तक कोई कटौती नहीं थी, लेकिन बीजेपी के सत्ता में आते ही कटौतियां शुरू हो गई? इसका मतलब साफ है कि बीजेपी सरकार चलाने के लिए ना तो सक्षम है और ना ही इच्छुक है.

इस पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बिजली की निरंतर आपूर्ति सरकार का बुनियादी कर्तव्य है. बीजेपी शासित शहरों जैसे मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में 24 घंटे बिजली सप्लाई होती है. यूपी, जिसे पहले बिजली प्रबंधन में परेशानी थी, अब वहां भी बिजली की स्थिति स्थिर है.

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01 April 2025, 04:40 PM IST

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