रीवा, मध्यप्रदेश। सड़क और रेलमार्ग दोनों देश के विकास की धमनियां हैं। एक अच्छा सड़क मार्ग विकास के कई रास्ते खोलता है। आपको बता दें रीवा से सीधी के बीच प्रदेश की सबसे बड़ी सड़क सुरंग बनकर तैयार है। परीक्षण के लिए इस सुरंग से पिछले दस दिनों से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है। इसका उद्घाटन दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा।

राष्ट्रीय हाइवे क्रमांक 75 ई में मोहनिया घाटी में बनाई गई इस सुरंग से रीवा और सीधी के बीच में 7 किलोमीटर की दूरी कम हो गई है। वहीं आवागमन सुगम होने के साथ-साथ लगभग 45 मिनट के समय की भी बचत हो रही है। यह सुरंग आवागमन को सुगम करने के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षण में भी सहायक होगी।

मोहनिया घाटी में सुरंग बन जाने से घाटी से आवागमन लगभग बंद ही हो जाएगा। इससे घाटी में रहने वाले छोटे-बड़े वन्य जीव स्वच्छंद रूप से विचरण कर सकेंगे। बता दें रीवा से सीधी के बीच बनाई गई सड़क सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। राष्ट्रीय सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा इसका निर्माण 1004 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।

इसका निर्माण कार्य 18 दिसंबर 2018 को आरंभ हुआ था और इसका निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा मार्च 2023 से 6 महीने पूर्व ही पूरा हो गया है। मोहनिया घाटी में बनाई गई इस सुरंग की कुल लंबाई 2,280 मीटर है। इसमें कुल 6 लेन हैं जिनमें से तीन आने के लिए तथा तीन जाने के लिए हैं। इन लेनों को आपस में 7 स्थानों पर जोड़ने के लिए अंडर पास भी दिए गए हैं।

अगर कोई वाहन बीच से वापस लौटना चाहे तो आसानी से लौट सकता है। सुरंग के साथ घाटी से लेकर चुरहट तक 15.7 कि.मी. की फोरलेन बाईपास सड़क का भी निर्माण किया गया है। रीवा की ओर सुरंग के शुरूआत बिन्दु पर रीवा शहर का इकलौता सोलर पावर प्लांट स्थापित है।

आपको बता दें यह टनल दो बड़े निर्माण कार्यों का मिलन स्थल है। सड़क सुरंग सीधी की ओर जिस स्थान पर समाप्त होती है वहां ठीक इसके ऊपर से बाणसागर बांध की नहर गुजर रही है। इसी नहर से बाणसागर बांध से उत्तरप्रदेश राज्य को पानी दिया जाता है। अत्यंत कठिन प्रयासों के बाद इस नहर को बंद करके मात्र चार महीने के रिकार्ड समय में एक्वाडक्ट का निर्माण किया गया।

इस सड़क सुरंग के ठीक ऊपर से एक सड़क और एक नहर गुजर रही है। रीवा-सीधी मार्ग में सड़क सुरंग का निर्माण पूरा हो जाने से आवागमन काफी सुगम हो गया है। अभी तक मोहनिया घाटी में आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते थे। अब इन दुर्घटनाओं में हो रही जान-माल की हानि अब नहीं होगी।

देश की ऊर्जाधानी सिंगरौली के लिए इस राष्ट्रीय हाइवे से भारी वाहन, मशीनें एवं अन्य सामग्री लेकर जाते हैं। इन वाहनों को मोहनिया घाटी के कठिन मोड़ों तथा उतार-चढ़ाव पर बहुत ज्यादा कठिनाई होती थी। सुरंग बन जाने से अब भारी वाहन भी सुगमता से घाटी को पार कर लेंगे। यह सुरंग सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। मोहनिया घाटी की सड़क सुरंग रीवा ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए निर्माण की अनुपम सौगात है।