रिपोर्ट। मुस्कान

नई दिल्ली। जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को उनके उचित भोजन के अनुरोध पर बुधवार को दिल्ली की एक अदालत से राहत मिल गई। अपने आदेश में अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन को जैन को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जो धार्मिक उपवास पर होने पर अंडर ट्रायल के लिए उपलब्ध है।

अदालत ने जेल अधिकारियों से यह भी जवाब दाखिल करने को कहा कि पिछले छह महीनों में आम आदमी पार्टी के नेता को क्या खाना दिया गया और क्या वह दी गई अवधि के दौरान धार्मिक उपवास पर थे। दरअसल, जैन ने मंगलवार को अदालत में कहा था कि उन्हें जेल में कोई सुविधा नहीं मिल रही है।

आप नेता ने दावा किया कि उन्हें उचित चिकित्सा जांच और उन्हें मिलने वाले भोजन जैसी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया। उसने जेल में अपने धार्मिक विश्वासों के अनुसार भोजन मांगा था। जैन ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्हें जैन मंदिर में जाने की अनुमति नहीं थी और वह उपवास पर थे और उनके पास पका हुआ भोजन, दालें, अनाज और दुग्ध उत्पाद नहीं थे।

आवेदन में आगे कहा गया है कि धार्मिक उपवास के दौरान खाद्य पदार्थों को रोकना अवैध, मनमाना और उत्पीड़न के समान है। पिछले लगभग छह महीनों से वह केवल फल, सब्जियां, बीज और सूखे मेवे या खजूर ही ले रहे हैं। यह वहां सभी कैदियों के लिए उपलब्ध राशन के अपने कोटे से खरीदा था।

इसी बीच सत्येंद्र जैन जेल में गिर जाने से रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई, जिसके लिए उनका एलएनजेपी अस्पताल में इलाज किया गया। उनके फेफड़े में धब्बे भी हैं, जो कि कोविड के बाद का लक्षण है।