पटना: गृहमंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे से पहले बिहार के मुख्य दलों ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए राज्य के सीमांचल क्षेत्र का दौरा करने के वरिष्ठ भाजपा नेता के इरादे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "... अमित शाह से पूछना चाहता हूं... क्या केंद्र बिहार को विशेष दर्जा देगें? उनके दौरे का मकसद क्या है? जब वह आएंगे तो कहेंगे कि जंगल राज है...मुसलमानों के खिलाफ बोलेंगे और हिंदुओं को भड़काएंगे..उक्त बातें राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में संवाददाताओं से कहा।

गृहमंत्री शाह शुक्रवार से बिहार का दो दिवसीय दौरा करेंगे। शाह के दौरे की बिहार सरकार के अन्य सदस्यों ने भी निंदा की है। जदयू नेता राजीव रंजन ने इस सप्ताह केंद्रीय मंत्री के दौरे को 'सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश' बताया। रंजन ने यह भी कहा कि शाह का सीमांचल में रैलियां करना भाजपा की मंशा को दर्शाता है।

बीते दिन पटना राजद मुख्यालय में लालू यादव की उपस्थिति में पार्टी जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई। जहां राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी इसी तरह की चेतावनी जारी करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि 'उनके दिमाग में शरारत है..हमें सतर्क रहने की जरूरत है।

भाजपा का कहना है कि शाह का दौरा योजनाबद्ध पार्टी को मजबूती प्राप्त करने की कार्यक्रम का हिस्सा है; पार्टी का लक्ष्य 2024 के राष्ट्रीय चुनाव में राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से 35 पर जीत हासिल करना है।

आगे तेजस्वी यादव ने कहा है कि भाजपा के लोग इस बदलाव से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी मामले में सीबीआई द्वारा उनकी जमानत रद्द करने की कोशिश के पीछे भाजपा का डर है। उन्होंने कहा, ''मैं नोटिस से नहीं डरता। जवाब अदालत में दिया जाएगा।'' उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वह सीबीआई को हर तरह से सहयोग करेंगे।