स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक के दौरान केवल चार दिनों में 52 कमर्शियल मीटिंग और छह राउंड टेबल मीट हुईं। जो तेलंगाना के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया। विश्व आर्थिक मंच में तेलंगाना ने 21,000 करोड़ रुपये का चौंका देने वाला निवेश जुटाया। प्रदेश के उद्योग मंत्री के टी रामा राव की अगुवाई में तेलंगाना की टीम पांचवें साल डब्ल्यूईएफ दावोस में थी और इस बार भी टीम के प्रयासों ने निराश नहीं किया।

WEF की पहले की विजिट की तरह इस बार भी प्रदेश में इन्वेस्टमेंट लाने के उनके प्रयासों के अच्छे रिजल्ट मिले हैं। सम्मेलन के दौरान तेलंगाना के मंत्री रामाराव ने टॉप ग्लोबल संगठनों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों में शिरकत की और तेलंगाना में विकास की संभावनाओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, रामाराव ने ज्यूरिख में एनआरआर्ई के साथ भी बातचीत की और स्विट्जरलैंड में एनआरआई को तेलंगाना की प्रगति पर रोशनी डाला।

WEF में तेलंगाना ऐसे समय में कुछ बड़े निवेश हासिल करने में कामयाब रहा है जब ग्लोबल इकोनॉमी मंदी के कगार पर है। तेलंगाना प्रतिनिधिमंडल राज्य को ग्लोबल इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन और भारत के गेटवे के रूप में प्रदर्शित करने में सफल रहा है। तेलंगाना पवेलियन ने तेलंगाना के भूगोल, पिछले आठ सालों में आकर्षित किए गए निवेश और टी-हब और टी-वर्क्‍स जैसे आईटी और उद्योग विभागों की पहल के बारे में जानकारी पेश की।

मंत्री केटीआर ने यात्रा के अपने अनुभव को साझा करते हुए कि डब्ल्यूईएफ एक प्रोग्रेसिव स्टेट तेलंगाना को पेश करने के लिए सही मंच है, जिसमें असाधारण औद्योगिक नीतियां और इन्फ्रास्ट्रक्चर है और साथ ही ये भी कहा कि तेलंगाना डब्ल्यूईएफ मंच पर कंपनियों के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।

केटीआर ने कहा, डब्ल्यूईएफ में सभी बैठकें हाईली प्रोडक्टिव थीं और हम बैठक में 21,000 करोड़ रुपये आकर्षित करने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में हैवी इन्वेस्टमेंट लाना और इस तरह रोजगार पैदा करना ही ड्राइविंग फोर्स है। केटीआर ने कहा, मेरा मानना है कि सभी नए निवेश और संभावित निवेश के संबंध में बैठकें अनुकूल परिणाम देंगी।