यूपी के शाहजहांपुर में दिल्ली से लखनऊ को जाने बाले NH 24 के किनारे बने 150 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर को जिला प्रशासन जबरन हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर रहा है। जिस पर हिंदू संगठनों के अलावा मन्दिर के पुजारी ने विरोध जताया है। जिला प्रशासन ने हनुमान भक्तों के विरोध के बाद भी भारी पुलिस फोर्स के साथ न्यू तकनीक के जरिए जैक द्वारा मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया है। खास बात ये है कि इस मामले में मन्दिर के पुजारी को जिलाधिकारी द्वारा धमकाने का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहीं एसडीएम का कहना है कि मन्दिर को हटाने की इस न्यू तकनीक का इस्तेमाल यूपी में पहली बार किया जा रहा है।

पूरा मामला शाहजहांपुर में थाना तिलहर के कछियानी खेड़ा के प्राचीन हनुमान मंदिर का है। जहां नेशनल हाईवे के किनारे बना 150 साल पुराना हनुमान मंदिर हाईवे  निर्माण में बाधा बना हुआ है। इस हनुमान मंदिर को हटाने के लिए पिछले 5 वर्षों से जिला प्रशासन कोशिश कर रहा है लेकिन हनुमान भक्तों के विरोध और हनुमान जी की शक्ति के आगे मन्दिर को हटाने में लगीं बड़ी बड़ी मशीने खराब हो गईं। मशीनों के टूटने पर मंदिर को शिफ्ट करने का काम बंद कर दिया गया था। लेकिन जिला प्रशासन ने इस बार मंदिर को दूसरी जगह जबरिया शिफ्ट करने की मन में ठान ली है और काम शुरु कर दिया है। खास बात ये है कि इस चमत्कारी हनुमान मन्दिर को यहां से हटाने का विरोध जब मन्दिर के महन्त ने किया तो शाहजहांपुर के जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने मन्दिर के पुजारी को फोन कर खूब धमकाया। डीएम द्वारा पुजारी को धमकाने का आडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

जिसके बाद विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धमकीबाज जिलाधिकारी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। वहीं हनुमान मन्दिर के महन्त ने बताया कि जिला प्रशासन ने उनसे कोई वार्ता नही की है बल्कि प्रशासन जबर्दस्ती इस मन्दिर को हटा रहा है। जबकि ये हनुमान मन्दिर लगभग 150 वर्ष पुराना है। दूसरी तरफ तिलहर की एसडीएम कृष्णा राशि ने बताया कि मन्दिर के पुजारी से वार्ता कर ली गई है। जिसके बाद अब  सड़क निर्माण कम्पनी के बडे बडे इंजीनियर की मौजूदगी में न्यू तकनीक के जरिए जैक लगाकर मंदिर को हवा में उठा लिया जायेगा और फिर उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जायेगा। जिसका काम शुरू कर दिया गया है। उन्होने बताया कि इसमें लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस तकनीकी का इस्तेमाल इण्डिया में कई जगह हो चुका है लेकिन यूपी में पहली बार इस विधि से मन्दिर को एक जगह से उठाकर दूसरी जगह रखा जायेगा।

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