प्रमोद मल्ल तिनसुकिया: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद (IHRC) की केंद्रीय समिति ने आज तिनसुकिया जिला समिति को एक निर्देश जारी किया कि कैसे लिडू के कोयला हिल्स में एक अवैध कोयला खदान में तीन श्रमिकों की मौत हो गई और किसकी गलती से घटना हुई और क्या प्रशासन को पता था उत्खनन का और यदि उत्खनन अवैध था, तो प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार करने और केंद्रीय समिति को भेजने के लिए उन्हें बेदखल करने के उपाय क्यों नहीं किया। 

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद की और से केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट।अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के तिनसुकिया जिला समिति के सचिव एल रतन सिंह ने अगले 10 दिनों के भीतर घटना की जांच करने और जरूरत पड़ने पर ड्रोन कैमरों का उपयोग करने के लिए एक समिति बनाने के लिए आज तिनसुकिया में एक आपात बैठक की।बता की तिनसुकिया जिले के लिडू में एक अवैध कोयला खदान में दम घुटने से तीन श्रमिकों की मौत की खबर से खलबली मच गई थी इससे यह भी साफ हो गया कि तिनसुकिया जिले के लिडू सहित विभिन्न अंचलों में धड़ल्ले से कोयले का अवैध खनन जारी है। 

जानकारी के अनुसार लिडू में कांग्रेस फील्ड के पास एक कोयला खदान में जहरीली गैस रिसाव से तीन श्रमिकों की मौत हो गई। इनकी पहचान बंगाईगांव जिले के जोगीघोपा के साहिदुल इस्लाम और हुसैन अली और ग्वालपाड़ा जिले के बागुवान निवासी अस्मत अली के रूप में की गई है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद द्वारा पूरी घटना की उचित जांच की मांग की गयी है।