जोशीमठ में होटल गिराने की कार्रवाई हुई शुरू

उत्तराखंड के जोशीमठ में भूस्खलन के बाद 700 से ज्यादा घरों में दरारें आ गई है लगातार यहां जमीन धंसती जा रही है जिसके बाद प्रशासन पूरे इलाके को खाली कराने में लगा है। वहीं अब जोशीमठ के दो होटलों को ध्वस्त करने का काम शुरू हो चुका है। सबसे पहले होटल मलारी इन को गिराया जाएगा।

Vishal Rana
Edited By: Vishal Rana

उत्तराखंड के जोशीमठ में भूस्खलन के बाद 700 से ज्यादा घरों में दरारें आ गई है लगातार यहां जमीन धंसती जा रही है जिसके बाद प्रशासन पूरे इलाके को खाली कराने में लगा है। वहीं अब जोशीमठ के दो होटलों को ध्वस्त करने का काम शुरू हो चुका है। सबसे पहले होटल मलारी इन को गिराया जाएगा।

बता दें, इन दोनों होटलों में दरारें आ गई थी और ये झुकने लगे थे जिसके चलते आस-पास के घरों को भी खतरा था। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि आपदा राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ की आठ टीमें जोशीमठ में तैनात हैं। बिजली के तारों और खंभों की सुरक्षा के लिए 2.14 करोड़ रुपये जारी किए गए। एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात हैं, एक टीम रास्ते में है।

 

IG गढ़वाल रेंज कर्ण सिंह नगनयाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, "होटलों को गिराने में लगभग 10 दिनों का समय लगेगा। होटलों के आस-पास के लोगों को हटा दिया गया है। वहीं अब इन होटलों को तोड़ने की कारवाई प्रशासन की तरफ से शुरू कर दी गई है। होटल के आस-पास भारी पुलिसबल को तैनात किया गया है।" होटलों के आस-पास के रोड़ को भी बंद कर दिया गया है। बता दे, पिछले दो दिनों से होटलों के पास लोग धरना प्रदर्शन कर रहे थे जिसके चलते होटलों को गिराने के काम में देरी हुई।

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