रिपोर्ट- रवि सिंह (वाराणसी, यूपी)

वाराणसी, यूपी: रेप और ब्लैकमेल के सात साल पुराने मामले में इटावा के चर्चित मौलाना जरजिस को वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी पाया है। अदालत कल आरोपी मौलाना को सजा सुनाएगी। मौलाना जरजिस के खिलाफ यह मुकदमा 17 जनवरी 2016 को वाराणसी के जैतपुरा थाने में दर्ज किया गया था।

तकरीर करने आता था वाराणसी

मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता के अनुसार, मौलाना जरजिस वाराणसी में तकरीर करने के लिए आता था। उस दौरान वह वाराणसी के होटलों में रुकता था। तकरीर के दौरान ही वर्ष 2013 में उसका परिचय मौलाना जरजिस से हुआ था। उसी दौरान वह उसे होटल में बुलाया था। होटल में मौलाना जरजिस ने उसके साथ रेप किया था और उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। इसके बाद निकाह का झांसा देकर मौलाना जरजिस ने उसके साथ अलग-अलग होटलों में कई बार दुष्कर्म और कुकर्म किया था।

19 नवंबर 2015 को मौलाना जरजिस उसके घर आकर दुष्कर्म किया और विरोध करने पर समाज में बदनाम करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दिया। काफी मिन्नतों के बाद भी मौलाना जरजिस ने उसके साथ निकाह नहीं किया तो वह वाराणसी के एसएसपी के यहां प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। एसएसपी के निर्देश पर जैतपुरा थाने में मौलाना जरजिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता व 4 गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौलाना जरजिस को रेप सहित अन्य आरोपों में दर्ज मुकदमे में दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए जाते ही आरोपी मौलाना जरजिस को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मौलाना को कल अदालत सजा सुनाएगी।