वैसे तो भारत में हर टोल प्लाजा पर सभी को टोल टैक्स देना होता है लेकिन पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर एक मैसेज काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें इस बात का दावा किया गया है कि भारत में पत्रकारों को सभी टोल टैक्स पर छूट मिलेगी। यह छूट उनको अपना ऑफिशियल आईडी कार्ड दिखाने के बाद मिलेगी। यह मैसेज वॉट्सऐप पर काफी तेजी से फैला और फिर बात प्रेस और मीडिया का काम देखने वाली सरकारी एजेंसी PIB के पास पहुंची।

जिसके बाद पीआईबी ने इस मैसेज का फैक्ट चेक किया और जानकारी सबके सामने पेश की। दरअसल, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसा कोई नियम या ऐसी कोई जानकारी नहीं साझा की हैं जिसमें ऐसा लिखा हो कि पत्रकारों को आईडी कार्ड दिखाकर टोल टैक्स में छूट मिलेगी।

 

वहीं, इस बात की जानकारी देते हुए पीआईबी ने ट्वीट करके बताया कि, "एक वॉट्सऐप मैसेज में दावा किया जा रहा है कि भारत के सभी टोल प्लाजा पर पत्रकारों को टोल टैक्स पर मिलेगी छूट, जिसके लिए आईडी कार्ड दिखाना होगा। यह दावा फर्जी है।' इतना ही नही मैसेज में यह भी बताया कि, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पत्रकारों को टोल टैक्स में छूट देने का आदेश खुद दिया है।

जबकि नितिन गडकरी ने ऐसा कोई आदेश दिया ही नहीं। जिसके बाद सबके सामने अब सच आ गया है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि पत्रकारों को टोल टैक्स नहीं देना होगा या टोल टैक्स में छूट मिलेगी। बल्कि पत्रकारों को भी आम नागरिकों की तरह ही टोल टैक्स देना होगा और इस प्रकार के मैसेज एक दम से फर्जी है।