अंडा ठेला चालक को 50 करोड़ का टर्नओवर! आयकर विभाग के नोटिस ने उड़ाए होश
प्रिंस द्वारा मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यह स्पष्ट हो गया कि किसी ने उनके दस्तावेजों का उपयोग करके एक फर्जी कंपनी बना ली थी. दिसंबर 2022 में दिल्ली में “प्रिंस एंटरप्राइज” नाम से एक फर्जी फर्म बनाई गई थी. उस फर्म का जीएसटी नंबर भी प्राप्त किया गया.

ट्रैडिंग न्यूज. कार चलाने वाले व्यक्ति की आय कितनी होगी? क्या उस व्यक्ति को आयकर नोटिस प्राप्त हो सकता है? इस प्रश्न का उत्तर नकारात्मक होगा. लेकिन आयकर विभाग ने अंडे का ठेला चलाने वाले एक व्यक्ति को नोटिस भेजा है. उस व्यक्ति के नाम पर नई दिल्ली में एक कंपनी है. उस कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है. उस कंपनी का टर्नओवर 50 करोड़ है . उन पर 6 करोड़ रुपए का जीएसटी बकाया है. आयकर विभाग ने उन्हें नोटिस भेजकर उनसे बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज मांगे हैं. इससे उनका पूरा परिवार सदमे में है. यह युवक मध्य प्रदेश के दमोह का रहने वाला है. उसका नाम प्रिंस सुमन है.
राजकुमार सुमन अंडे की गाड़ी चलाकर अपना जीवन यापन करते हैं. लेकिन उनके नाम पर दिल्ली में प्रिंस एंटरप्राइजेज नामक कंपनी पंजीकृत है. उस कंपनी ने 2022 से 2024 के बीच 50 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है. यह कंपनी चमड़ा, लकड़ी और लोहे का व्यापार करती है. लेकिन इस कंपनी ने जीएसटी का भुगतान नहीं किया. इसलिए आयकर विभाग ने प्रिंस सुमन को 6 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है.
अभी तक दिल्ली नहीं देखी है
प्रिंस सुमन ने कहा कि दिल्ली ने अभी तक ऐसा नहीं देखा है. मैं इंदौर केवल एक या दो बार गया हूं. इसके अलावा मैंने अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड भी किसी को नहीं दिया. इसके बाद मेरे नाम से एक फर्जी कंपनी बना ली गई. प्रिंस के पिता श्रीधर सुमन एक छोटी सी किराने की दुकान के मालिक हैं. इस मामले में उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर जांच की मांग की है. पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने वकीलों की मदद से आयकर विभाग को भी पत्र लिखा है.
20 मार्च को मिला था प्रिंस को नोटिस
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंस को यह नोटिस 20 मार्च को मिला था. इसके बाद प्रिंस का पूरा परिवार सदमे में आ गया. प्रिंस कहते हैं, 'मैं अंडे के ठेले पर रोजाना चार सौ से पांच सौ रुपये कमा लेता हूं. "मेरे लिए 50 करोड़ की रकम एक अलौकिक आश्चर्य है." प्रिंस द्वारा मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यह स्पष्ट हो गया कि किसी ने उनके दस्तावेजों का उपयोग करके एक फर्जी कंपनी बना ली थी. दिसंबर 2022 में दिल्ली में “प्रिंस एंटरप्राइज” नाम से एक फर्जी फर्म बनाई गई थी. उस फर्म का जीएसटी नंबर भी प्राप्त किया गया. इसके बाद कंपनी में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ.