संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी ने हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इसके बाद गुरुवार को मक्की ने लाहौर जेल से एक वीडियो जारी करते हुए अल-कायदा या इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के साथ किसी भी तरह के संबंध होने की खबरों का खंडन किया है। जेल से वीडियो जारी करते हुए मक्की ने कहा कि "मेरा मानना है कि आतंकी सूची में मेरा नाम शामिल करने का फैसला भारत सरकार की गलत सूचनाओं पर आधारित है। मैं ओसामा बिन लादेन, अयमान अल-जवाहिरी या अब्दुल्ला आज़म से कभी नहीं मिला, जैसा कुछ रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है।"

मक्की ने दावा किया कि "अल-कायदा और आईएसआईएस की हरकतें उसकी विचारधारा के बिल्कुल विपरीत है। उसने कहा कि मैं इस तरह के ग्रुप्स की ओर से किए गए सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा की निंदा करता हूं।" अपनी वीडियो में मक्की ने यूएनएससी के खुद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के फैसले पर खेद जताया और कहा कि फैसला सुनाने से पहले उसकी बात नहीं सुनी गई। उसका आरोप है कि भारत ने उसके संबंध में गलत अफवाहें फैलाई हैं।

बता दें कि पाकिस्तान का कुख्यात आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है। यूएनएससी में उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने की राह में अब तक चीन अड़ंगा लगा रहा था। यूएनएससी के कदम के बाद मक्की के खिलाफ संपत्ति जब्त करना, ट्रैवल बैन और हथियार प्रतिबंध जैसी कार्रवाइयां की जा सकेंगी।

भारत में मोस्ट वॉटेंड मक्की 26/11 मुंबई आतंकी हमले का आरोपी है। साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले में भी उसका नाम शामिल है। कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे भी उसका हाथ था। मक्की को 2019 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गिरफ्तार किया गया था और टेरर फंडिंग के आरोप में नवंबर और दिसंबर 2020 में दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया था।