पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। पाकिस्तान की आवाम महंगाई की मार झेल रही है। देश के हालात इतने बदतर हो गए है कि जनता रोटी के लिए इधर उधर भटक रही है। इस बीच पिछले दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ बातचीत की पेशकश की। हालांकि भारत की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

अब पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी और पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अत्ता बंदियाल को शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

अगर पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की यह रिपोर्ट सही है तो भारत की ओर से यह न्यौता ऐसे समय में भेजा गया है। जब बीते सात दिसंबर में पाकिस्तानी विदेश मंत्री विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद देशभर में पाकिस्तान के विदेश मंत्री को आलोचना का सामना करना था। वहीं पिछले महीने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी भारत के साथ बातचीत की पेशकश की थी।

ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगया था। इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर अपमानजनक बयान दिया था।

बता दें कि शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) कई देशों का एक संगठन है। रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और ईरान समेत कई मध्य एशियाई देश इसके सदस्य है। फिलहाल इसकी अध्यक्षता भारत के पास है। इसके साथ ही इस साल एससीओ की बैठकें आयोजित होने वाली है। एससीओ बैठक में सदस्य देशों के मुख्य न्यायाधीशों और विदेश मंत्री शामिल होते है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री और मुख्य न्यायाधीश एससीओ की बैठक में शामिल होने का न्यौता दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री और मुख्य न्यायाधीश इस बैठक में शामिल होंगे या फिर अपने प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने के लिए भेजेंगे।