देश में लगातार बढ़ रहे हैं गेहूं के दाम, जानिए क्या है कारण देश में महंगाई आसामना छू रही है। लगातार सब्जी-फलों के दाम बढ़ रहे हैं। खाद्य सामग्री की कीमत दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। महंगाई की मार आम आदमी को झेलनी पड़ रही है। कमाई से ज्यादा खर्च ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब गेहूं के बढ़ते दाम ने गरीबी में आटा गीला करने का काम किया है।

आपको बता दें कि देश में गेहूं के दाम आसमान छू रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर , उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में गेहूं की कीमतें 3000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इसके कारण आम लोगों को घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। अनाज कारोबारियों का कहना है कि इसका कारण पूर्वी भारत में अनाज की कमी है।

व्यापारियों का मानना है कि केंद्र सरकार ने गेहूं को खुले बाजार में ओपन मार्केट सेल स्कीम(OMSS) के तहत गेहूं को अभी बेचना शुरू नहीं किया है। इस कारण गेहूं का भाव बढ़ रहा हैं। भारतीय रोलर फ्लावर मिल्स फेडरेश के अध्यक्ष प्रमोद कुमार के अनुसार खुले बाजार में गेहूं नहीं है।

पूर्वी भारत में भी गेहूं उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योगना के अंतर्गत जब से गेहूं के आवंटन पर रोक लगा रखी है। तभी से मार्केट में उसकी डिमांड बढ़ गई है। कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 8 जनवरी को गेहूं के रेट 2788 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। जोकि साल 2022 में गेहूं के दाम का 20 प्रतिशत ज्यादा है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रिटेल मार्केट में गेहूं के प्राइस लगभग 31.17 रुपये प्रति किलो हैं जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.76 परसेंट अधिक है। वहीं गेहूं का आटा 37.03 रुपये प्रति किलोग्राम है। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 18.5 प्रतिशत की उछाल आया है।

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