25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे वाजपेयी ने आज के ही दिन साल 2018 में दुनिया को अलविदा कह दिया था। देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए वाजपेयी जी को साल 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

सदैव अटल -

भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी एक राजनेता के साथ कवि और पत्रकार तथा प्रखर वक्ता भी थे। पढ़िए उनके विचार जो बदल देंगे आपका जीवन।

कंधों से कंधा लगाकर -

कंधों से कंधा लगाकर और कदम से कदम मिलाकर हमें अपनी जीवन यात्रा को लक्ष्य प्राप्ति के शिखर तक ले जाना है।

एक सपना टूटे तो दूसरा देखो -

मनुष्य को चाहिए कि वह परिस्थितियों से लड़ें एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े।

हमारे संस्कार -

पौरुष पराक्रम वीरता हमारे रक्त में है। यह हमारी महान परंपरा का अभिन्न अंग है। यह संस्कारों द्वारा हमारे जीवन में ढाली गई है।

ये जीवन दूसरों का भी है -

मनुष्य जीवन अनमोल निधि है पुण्य का प्रसाद है। इसे केवल अपने लिए ही ना जिएं दूसरों के लिए भी जिएं।

मंदिर है हमारा देश -

अपना देश एक मंदिर है और हम पुजारी हैं। राष्ट्रदेव की पूजा में हमें अपने आपको समर्पित कर देना चाहिए।

सूर्य एक सत्य है -

सूर्य एक सत्य है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। लेकिन ओस की बूंद भी तो एक सच्चाई है। यह बात अलग है कि यह क्षणिक है।

खबरें और भी हैं...

मध्य प्रदेश: अटलजी का जन्म बटेश्वर में नहीं ग्वालियर में कमलसिंह के बाग में ही हुआ था

 

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